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 न्यू प्राथमिक विद्यालय तरहनी जो बिहार के कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड में अवस्थित एक छोटे से गांव तरहनी में स्थित है। सन 2007 में यह विद्यालय बिना भवन के शुरू हुआ और 2010 में तीन कमरों का विद्यालय बना जो प्रखंड मुख्यालय से 6 किलोमीटर और जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित हैं । महादलित बस्ती के इस गांव में 90 प्रतिशत अभिभावक मजदूरी करके बच्चों को शिक्षा देने का कार्य कर रहें हैं। इस कार्य में विद्यालय भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।  कैमूर, जो मां मुंडेश्वरी के प्राचीनतम मंदिर तथा कैमूर की पहाड़ियों के लिए विख्यात है, उन्हीं पहाड़ियों की गोद में बसा यह छोटा सा विद्यालय अपने अनुपम कार्यों के लिए हमेशा शिक्षकों और शिक्षा समाज के बीच जाना जाता रहा है। इस विद्यालय में वह सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं जो एक बेहतर विद्यालय में होनी चाहिए। विद्यालय में प्रधानाध्यापक सिकेंद्र कुमार सुमन सहित दो महिला शिक्षिकाएं पदस्थापित हैं। कुल तीन शिक्षकों और 52 बच्चों के साथ यह विद्यालय अपनी सफलता के परचम को लहरा रहा है। यहां के प्रधानाध्यापक श्री सिकेंद्र कुमार सुमन को शिक्षा के क्षेत्र में अटूट निष्ठा, समर्पण और उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने हेतु भारत के राष्ट्रपति महा महीम द्रौपदी मुर्मू जी के द्वारा 5 सितंबर 2024 को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024 से नवाजा गया है।

इस विद्यालय ने अपनी पहचान एक हाईटेक विद्यालय के रूप में स्थापित की है। यहां पर विद्यालय के सभी बच्चे अपनी पढ़ाई में टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल करते हैं। तीन कमरों के इस विद्यालय को यहां के शिक्षकों और प्रधानाध्यापक के सहयोग से इस तरह सजाया गया है कि विद्यालय में सारी सुविधाएं समेकित हैं। जैसे विद्यालय में लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, बच्चों के खाना खाने के लिए डाइनिंग रूम, छोटे बच्चों के लिए बैठने की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हैं । विद्यालय बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं । ऑटोमेटिक स्कूल बेल के साथ इस विद्यालय में सभी कक्षाएं संचालित होती हैं।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री सिकेंद्र कुमार सुमन के द्वारा किए जा रहे अनुपम नवाचारों और बेहतर प्रयासों के कारण यह विद्यालय हमेशा सुर्खियों में बना रहता है। यहां की शिक्षिका श्रीमती रफत परवीन और सुश्री रक्षा कुमारी जी के द्वारा बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का प्रयास लगातार किया जाता है ताकि बच्चे जीवन में अपनी सफलता को प्राप्त कर सकें। विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में और बच्चों के हित में नित्य नए प्रयोगों को अंजाम देता रहा है जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।